शहर में बढा डेंगू मलेरीया का प्रकोप

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छिन्दवाडा- स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नागरिकों को डेंगू से बचाव की सलाह दी गई है । यदि 2 से 7 दिन तक बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ो में दर्द, आँखो के आस-पास दर्द, छाती और दोनों हाथों में लाल चकत्ते, दाने एवं संक्रमण की गंभीर अवस्था में नाक, मसूड़ों, पेट/आंत से खून का रिसाव आदि के लक्षण पाये जाये तो मरीज को  तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मे जाकर नि:शुल्क परामर्श, जॉच और उपचार लेना चाहिए । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस.गोगिया ने बताया कि डेंगू रोग डन नामक वायरस के कारण होता है जो मच्छर के काटने से फैलता है । इस रोग में केवल पैरासिटामॉल की गोली का ही सेवन करना चाहिए । डिस्प्रिन व अन्य दर्द निवारक गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए । पर्याप्त मात्रा मे तरल पेय/पानी पीना व आराम करना चाहिए । उन्होंने बताया कि इस रोग में  24 घंटे के भीतर उपचार लेना चाहिए, अन्यथा यह घातक हो सकता है । गर्भवती महिलाएं, बच्चे, वृध्द और डायबिटीज व हृदय रोगियों को 12 घंटे मे ही उपचार ले लेना चाहिए । उन्होंने बताया कि एडीज मच्छर के काटने से डेंगू रोग होता है । यह मच्छर घरों में साफ पानी से भरे कन्टेनर, टंकियों, शौचालय मे रखे मटके, बाल्टियां, कूलर, घर की छतों पर रखे अनुपयोगी सीमेंट टूटे-फूटे बर्तन कप, मग, मटके, पॉलीथीन आदि में भरे पानी मे पैदा होता है । इन सभी बर्तनों में से सप्ताह में एक बार पानी खाली कर देना चाहिए और पानी भरने से पूर्व बर्तनों को अच्छी तरह रगड कर साफ करना चाहिए । लार्वा को नष्ट करने के लिये टेमाफ्रॉस का छिडक़ाव किया जाता है । कूलर मे लगी हुई पुरानी घास खस को निकाल कर जला देना चाहिए एवं नयी खस का उपयोग करना चाहिए । सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए और पूरी आस्तीन के कपडे पहनना चाहिए । मच्छर को नष्ट करने के लिये पायरेथ्रम का स्प्रे किया जाता है । उन्होंने अपील की है कि डेंगू के लक्षण पाये जाने पर तत्काल निकटतम शासकीय अस्पतालों मे जाकर चिकित्सकीय उपचार ले ।

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