बिछुआ, छिन्दवाड़ा और चौरई में कृषक संगोष्ठी सह तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

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छिन्दवाडा/ प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने जिले के बिछुआ, छिन्दवाड़ा और चौरई में कृषक संगोष्ठी सह तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया । उन्होंने बिछुआ नगर के विभिन्न वार्डो में एक करोड 74 लाख 40 हजार रूपये लागत के सी.सी.रोड और नाली निर्माण के कार्यो का भूमि पूजन और चौरई में 34.23 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया ।
प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने इस अवसर पर कहा कि आने वाले 5 साल में किसान को उनके उत्पाद का दुगुना लाभ मिले, इसके लिये उन्हे वैज्ञानिक तकनीक के साथ ही रासायनिक खाद का उपयोग कम कर जैविक कृषि को अपनाना होगा । कृषि की आधुनिक पध्दति को अपनाकर ही संकल्प से सिध्दि की प्राप्ति की जा सकती है । उन्होंने जल संरक्षण, स्वाईल हेल्थ कार्ड के अनुसार खाद बीज का उपयोग, कस्टम हायरिंग, प्राकृतिक आपदा में त्वरित सहायता देने के साथ ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुडने को कहा । उन्होंने कहा कि जिले में किसानों के लिये जहां-जहां आवश्यकता होगी वहा उप मंडियां खोलकर उनकी उपज खरीदी जायेगी । उन्होंने बिछुआ में मक्का खरीदी केन्द्र खोलने के लिये कहा । उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में बारिश कम हुई है, इसलिये कृषक पानी की उपलब्धता के अनुसार शीघ्रता से रबी फसलों की बुआई करें ।
प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुये बताया कि किसानों को कृषि उपज मंडी के माध्यम से ही अपनी उपज का विक्रय करना होगा । व्यापारी बोली लगाकर किसानों की उपज क्रय करेंगे तथा मंडी क्षेत्र में 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक की गई उपज की खरीदी बिक्री के औसत मूल्य को मानक मानकर अंतर की राशि किसानों के खाते में जमा की जायेगी । उन्होंने व्यापारियों से अनुरोध किया है कि वे किसानों की उपज का अधिकतम मूल्य उन्हे उपलब्ध कराये । उन्होंने बताया कि इस वर्ष 8 लाख 72 हजार मेट्रिक टन प्याज किसानों से 8 रूपये प्रति किलो की दर पर खरीदकर उसे 2 रूपये प्रति किलो की दर पर शासकीय उचित मूल्य दुकानों से बेचा गया तथा इस कार्य में किसानों के लिये 700 करोड रूपये से अधिक की राशि व्यय की गई । उन्होंने बताया कि किसानों को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये विद्युत कंपनी को 5600 करोड रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है तथा कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि किसानों को सिंचाई के लिये 10 घंटे विद्युत उपलब्ध कराये । उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना और आर.बी.सी.6-4 के प्रावधानों और राहत एवं मुआवजा राशि की विस्तार से जानकारी दी ।

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