बहन को बाघ के चंगुल से छुड़ाया,लेकिन नहीं बचा सकीं उसकी जान

0
48

बुधनी के आदिवासी बहुल खांडाबड़ गांव से महज 50 मीटर दूर पहाड़ी पर रविवार की सुबह मवेशियों को चराने जा रही तीन बहनों में से एक बहन पर बाघ ने हमला कर दिया। दो बहनों ने पत्थर मारे तो बाघ ने बच्ची को छोड़कर गाय को दबोचकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बड़ी बहन ने गंभीर रूप से घायल अपनी मंझली बहन को कंधे पर उठाकर घर लेकर पहुंची, तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। सीहोर वनसंरक्षक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है और तीन महीने के अंदर उन्हें 4 लाख रुपए दिए जाएंगे।

रविवार सुबह करीब 8.30 बजे खांडाबड़ गांव के सुरेश भिलाला की दस साल की बेटी नीतू अपनी दो बहनों के साथ गांव के पास ही पहाड़ी पर मवेशी लेकर जा रही थी। इस दौरान घर से करीब 50 मीटर दूर एक बाघ ने नीतू पर पीछे से हमला कर उसकी गर्दन दबोच ली, अपनी बहन को बाघ के चंगुल में फंसा देख छोटी और बड़ी बहन ने बाघ को पत्थर मारना शुरू कर दिया । पत्थरों की मार से घबराए बाघ ने बधाी को छोड़ गाय पर झपटा मारा और उसे मौत के घाट उतार दिया,इसके बाद दोनों बहने नीतू को कंधे पर उठा कर घर तक ले गईं लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सुरेश भिलाला की सूचना पर बुधनी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। इधर मौके पर पहुंचे वन अमले ने भी जांच शुरू कर दी है।

http://www.citytime.in

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here