मध्यंप्रदेश के 54 फीसदी सरकारी स्कूल पढ़ाई और सुविधाओं में ‘सी’ ग्रेड

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जबलपुर। शिक्षा के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए का बजट देने के बाद भी प्रदेश के सरकारी हाई-हायर सेकंडरी स्कूलों के बुरे हाल हैं। पढ़ाई, इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ व अन्य मूलभूत सुविधाओं के आधार पर कराई गई स्कूलों की ग्रेडिंग में प्रदेश के 8580 स्कूलों में से 4620 यानी 53.84 फीसदी स्कूल फिसड्डी साबित हुए। ये खुलासा स्कूलों की ग्रेडिंग रिपोर्ट से हुआ है।

सितंबर माह में कराई गई ग्रेडिंग में प्रदेश के 8580 स्कूलों में से मात्र 44 स्कूल ही ‘ए ग्रेड में आ पाए हैं। ‘बी ग्रेड में 1611और सर्वाधिक 4620 स्कूल ‘सी ग्रेड में हैं। ‘डी ग्रेड में 1697 स्कूल हैं। कुल स्कूलों में से 608 स्कूलों ने फिलहाल जानकारी नहीं भेजी हैै। हैरानी की बात ये है कि जबलपुर उज्जैन, ग्वालियर का एक भी स्कूल ‘ए ग्रेड में नहीं है। वहीं भोपाल, इंदौर के एक-एक स्कूल ही ‘ए ग्रेड में जगह बना पाए हैं।

 

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