भाजपा-कांग्रेस में बैठकों का दौर शुरू

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राजनीतिक हलचलों को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। दोनों प्रमुख पार्टियां भाजपा और कांग्रेस ने जमीन में हकीकत तलाशना प्रारंभ कर दिया है। पिछले सप्ताह सांसद कमलनाथ ने दौरा कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरा तो वहीं भाजपा के संगठन मंत्री अजय विश्वनोई ने भाजपा के संगठन की नब्ज टटोली। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती सामने है क्योंकि भाजपा पूरे दमखम के साथ सांसद कमलनाथ को घेरेगी ऐसे में देखना दिलचस्प होगा प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनने की सुर्खियों के बीच सांसद कमलनाथ कैसे अपने किले को सुरक्षित रखते हुए प्रदेश को फतह करेंगे।

कांग्रेसियों में जोश भर गया सांसद का दौरा

 

छिंदवाड़ा। स्थानीय चुनावों में भाजपा को चारों खाने चित करने के बाद विधानसभा चुनावों में भी पटखनी देने की तैयारी में जुटे सांसद कमलनाथ ने विगत सप्ताह जिले का दौरा किया। जिस अंदाज में उनका कार्यक्रम बना था वह किसी तूफान से कम नहीं था लेकिन बारिश ने उनके दौरे पर पानी फेर दिया बावजूद इसके सांसद ने समय का पूरा उपयोग किया।
नागपुर सडक़ मार्ग से आते समय संतराचंल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया तो वहीं जिला मुख्यालय में दूसरे दिन पुराने कार्यकर्ताओं के घरजाकर उनका हाल-चाल पूछ लिया। सांसद को बिना बुलाए अपने घर पाकर कई पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता तो अपनी भावनाओं को छिपा नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू छलक आए। सांसद के दौरे से संतराचंल के नेता और कार्यकर्ता तो सक्रिय हुए ही साथ ही जिला मुख्यालय के कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भी सक्रिय हो गए। प्रचुर भाजपा लहर के बावजूद स्थानीय चुनाव में मिली विजय से कांग्रेस इस समय पूरे आत्मविश् वास से लबरेज नजर आ रही है।

हाईकमान की मंशा बताई नेताओं को

छिंदवाड़ा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा छिंदवाड़ा सीट पर ध्यान केंद्रित करने के बाद भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में थोड़ी हलचल दिखाई दे रही है। पूर्व मंत्री और संगठन प्रभारी अजय विश्नोई ने जिले का दौरा कर संगठन के पदाधिकारियों की बैठक ली।
सांसद कमलनाथ के दौरे के बाद बैठक करने आए संगठन मंत्री ने विभिन्न मंडलों से आए भाजपा नेताओं से उनके क्षेत्र की जानकारी ली साथ ही हाईकमान की मंशा और निर्देशों से पार्टी के नेताओं को अवगत कराया। संगठन मंत्री ने यह भी टोह ली कि वर्तमान में भाजपा के प्रति आम नागरिक के मन में क्या चल रहा है। बैठक में जो चेहरे आए थे उन्हें देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसी तरह की बैठकों का आयोजन कर भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव जीतने का सपना देख रही है तो यह सपना ही बन कर रह जाएगा। स्थानीय चुनावों में हार के बाद हालांकि भाजपा के नेताओं की नींद उड़ीं हुई है। सभी चिंता में है कि ऐसे ही हालात रहे तो 2018 के विधानसभा चुनाव कैसे जीतेंगे।

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